सस्ते स्टील पर बड़ा प्रहार! भारत ने वियतनाम पर 5 साल का अतिरिक्त टैक्स लगाया

डंपिंग से घरेलू उद्योग को नुकसान का खतरा बढ़ा, सरकार ने विदेशी स्टील पर 121.55 डॉलर/टन का शुल्क लागू किया Steel Anti Dumping Duty: भारत सरकार ने वियतनाम से आने वाले कुछ तरह के स्टील पर पांच साल के लिए अतिरिक्त…

सस्ते स्टील पर बड़ा प्रहार! भारत ने वियतनाम पर 5 साल का अतिरिक्त टैक्स लगाया
aarti gosavi

Last Updated: January 8, 2026 | 5:39 AM IST

हाइलाइट्स

  • डंपिंग से घरेलू उद्योग को नुकसान का खतरा बढ़ा, सरकार ने विदेशी स्टील पर 121.55 डॉलर/टन का शुल्क लागू किया Steel Anti Dumping Duty: भारत सरकार ने वियतनाम से आने वाले कुछ तरह के स्टील पर पांच साल के लिए अतिरिक्त…

डंपिंग से घरेलू उद्योग को नुकसान का खतरा बढ़ा, सरकार ने विदेशी स्टील पर 121.55 डॉलर/टन का शुल्क लागू किया

Steel Anti Dumping Duty: भारत सरकार ने वियतनाम से आने वाले कुछ तरह के स्टील पर पांच साल के लिए अतिरिक्त टैक्स (एंटी-डंपिंग ड्यूटी) लगा दिया है। सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया है ताकि बाहर से सस्ता स्टील आने से भारत की स्टील कंपनियों को नुकसान न हो। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, DGTR ने 13 अगस्त की रिपोर्ट में पाया कि वियतनाम से भारत आने वाला स्टील सामान्य कीमत से कम दाम पर बेचा जा रहा था। इससे भारतीय उद्योग को नुकसान हो रहा था और भविष्य में नुकसान और बढ़ने का खतरा भी था।

कौन-सी कंपनियों पर ड्यूटी लगेगी और कौन-सी छूट में रहेंगी?

सरकार ने कहा है कि वियतनाम की Hoa Phat Dung Quat Steel JSC नाम की कंपनी को यह टैक्स नहीं देना होगा। लेकिन वियतनाम की बाकी सभी कंपनियों और निर्यातकों को 121.55 डॉलर प्रति टन का टैक्स देना पड़ेगा। यही टैक्स उन कंपनियों पर भी लगेगा जो वियतनाम से सामान भेजती हैं, भले ही वे वियतनाम की कंपनी न हों।

यह भी पढ़ें: 2025 में 7% की रफ्तार से बढ़ेगी भारत की GDP, मूडीज ने जताया अनुमान

किस तरह के स्टील उत्पाद ड्यूटी के दायरे में आएंगे?

यह टैक्स उन खास तरह के स्टील पर लगेगा जिनकी मोटाई 25 मिलीमीटर तक और चौड़ाई 2,100 मिलीमीटर तक होती है। ये स्टील 7208, 7211, 7225 और 7226 नाम के टैरिफ कोड में आते हैं। ध्यान देने वाली बात है कि स्टेनलेस स्टील पर यह टैक्स नहीं लगेगा। यह एंटी-डंपिंग टैक्स नोटिफिकेशन जारी होने की तारीख से पांच साल तक लागू रहेगा। यह पैसा भारतीय रुपए में देना होगा, और कितना देना है, यह उस दिन की डॉलर–रुपया विनिमय दर पर तय होगा जिस दिन बिल ऑफ एंट्री जमा किया जाएगा।