2025-26 में रियल एस्टेट में हर साल आएगा 5–7 अरब डॉलर संस्थागत निवेश!

साल 2025 के पहले नौ महीनों में देश के रियल एस्टेट क्षेत्र में कुल संस्थागत निवेश 4.3 अरब डॉलर रहा। इसमें सालाना आधार पर 9 प्रतिशत की गिरावट आई देश के रियल एस्टेट क्षेत्र में साल 2025 और 2026 के…

2025-26 में रियल एस्टेट में हर साल आएगा 5–7 अरब डॉलर संस्थागत निवेश!
aarti gosavi

Last Updated: January 8, 2026 | 5:53 AM IST

हाइलाइट्स

  • साल 2025 के पहले नौ महीनों में देश के रियल एस्टेट क्षेत्र में कुल संस्थागत निवेश 4.3 अरब डॉलर रहा। इसमें सालाना आधार पर 9 प्रतिशत की गिरावट आई देश के रियल एस्टेट क्षेत्र में साल 2025 और 2026 के…

साल 2025 के पहले नौ महीनों में देश के रियल एस्टेट क्षेत्र में कुल संस्थागत निवेश 4.3 अरब डॉलर रहा। इसमें सालाना आधार पर 9 प्रतिशत की गिरावट आई

देश के रियल एस्टेट क्षेत्र में साल 2025 और 2026 के दौरान हर साल 5 से 7 अरब डॉलर का संस्थागत निवेश आने का अनुमान है। रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी कोलियर्स की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। साल 2024 में 6.5 अरब डॉलर का निवेश आया जो सालाना आधार पर 22 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।

कोलियर्स इंडिया के मुख्य कार्य अ​धिकारी और प्रबंध निदेशक बादल याग्निक ने कहा, ‘भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश ने शानदार मजबूती का प्रदर्शन किया है, जिससे बाजार की पैठ और निवेशकों के बढ़ते भरोसे का पता चलता है। हमारा अनुमान है कि साल 2025 और 2026 में हर साल पांच से सात अरब डॉलर का सालाना निवेश आएगा।’

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साल 2025 के पहले नौ महीनों में देश के रियल एस्टेट क्षेत्र में कुल संस्थागत निवेश 4.3 अरब डॉलर रहा। इसमें सालाना आधार पर 9 प्रतिशत की गिरावट आई। साल की आखिरी तिमाही में औ​र ज्यादा सौदे होने की उम्मीद है, खास तौर पर कार्यालय और आवासीय श्रेणी में। कोलियर्स के अनुसार इन श्रे​णियों में कुल मिलाकर साल के कुल निवेश का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा रहने की संभावना है, जिसे लगातार उपभोग गतिवि​धियों और अच्छी आपूर्ति की से मदद मिलेगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये निवेश वै​श्विक व्यापार बाधा के बीच भी बाजार की पैठ और ​​स्थिरता दिखाते हैं।

याग्निक ने कहा, ‘भारत के रियल एस्टेट को दमदार देसी आ​र्थिक वृद्धि, बढ़ते शहरीकरण, बुनियादी ढांचागत विस्तार तथा बढ़ते उपभोग स्तर जैसे आधरभूत मांग बढ़ाने वाले कारकों से लगातार फायदा हो है। चूंकि निवेशक भारत की दीर्घकालिक वृद्धि की कहानी के साथ तेजी से जुड़ रहे हैं, इसलिए आने वाली तिमाहियों में देसी और विदेशी दोनों ही तरह की पूंजी में और तेजी की उम्मीद है।’