नई EPFO स्कीम के तहत एम्प्लॉयर को योग्य कर्मचारियों को शामिल करने और पूरे भारत में सामाजिक सुरक्षा कवरेज बढ़ाने के लिए छह महीने का मौका दिया गया है
सरकार ने कर्मचारी नामांकन योजना 2025 लॉन्च की है, ताकि ज्यादा से ज्यादा भारतीय मजदूरों को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के दायरे में लाया जा सके। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने इस योजना की घोषणा 1 नवंबर को की थी। यह कदम भारत के सामाजिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने और नियोक्ताओं (Employers) को स्वेच्छा से नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
सर्वे के मुताबिक:
42% उपभोक्ताओं ने ऐसे लोनदाताओं को चुना जो तुरंत लोन उपलब्ध कराते हों और कागजी कार्रवाई कम हो।
केवल 25% ने ब्याज दर को अपनी पहली प्राथमिकता बताया।
80% लोग डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके लोन की तुलना और आवेदन करना पसंद करते हैं।
53% उपभोक्ता चाहते हैं कि लोन की मंजूरी और वितरण और भी तेज हो।
Paisabazaar के सीईओ संतोष अग्रवाल का कहना है कि यह बदलाव क्रेडिट मार्केट की मैच्योरिटी को दर्शाता है। उन्होंने कहा,
“आज के उपभोक्ता लोन लेने में सुविधा, पारदर्शिता और डिजिटल आसानी को ज्यादा महत्व देते हैं। पर्सनल लोन अब सिर्फ आकस्मिक खर्चों के लिए नहीं, बल्कि आकांक्षात्मक और लाइफस्टाइल खरीदारी के लिए भी इस्तेमाल हो रहा है, खासकर त्योहारों के समय।”
त्योहारी सीजन में पहली बार लोन लेने वाले बढ़े
देश में त्योहारी ऋण (फेस्टिवल पर्सनल लोन) का चलन तेजी से बढ़ रहा है, और इसमें सिर्फ पुराने क्रेडिट यूजर्स ही नहीं, बल्कि नए लोग भी शामिल हो रहे हैं।
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सर्वे के मुताबिक, 41% लोगों ने इस त्योहारी सीजन में पहली बार पर्सनल लोन लिया।
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46% ने कहा कि वे अगले त्योहारी सीजन में भी लोन लेने की “बहुत संभावना” रखते हैं।
इससे यह साफ दिखता है कि लोग पर्सनल लोन को अब आपातकालीन जरूरत नहीं बल्कि योजनाबद्ध वित्तीय उपकरण के रूप में अपनाने लगे हैं।








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