Test 1: पिछले दो सालों से शेयर बाजार में बार-बार हो रही उठापटक का असर अब म्युचुअल फंडों (एमएफ) की वृद्धि पर पड़ने लगा है। फंडों में नए निवेशकों के जुड़ने की रफ्तार पिछले तीन महीनों से लगातार घट रही थी और अब अप्रैल में यह तीन साल के सबसे निचले स्तर पर चली गई। इस महीने उद्योग में करीब 2,95,000 नए निवेशक जुड़े। यह जून 2023 के बाद सबसे कम है।
गोंय घटक राज्य दिसा निमतानच्या खासा सुवाळ्यानिमतान जनतेक परबीं. गोंयची समृध्द संस्कृताय, गिरेस्त दायज, सैमीक सोबीतकाय आनी मोगाळ जनता हे सर्वश्रुत आसात. गोंयच्या उदरगती खातीर तशेच अस्मितायेखातीर अथक परिश्रम घेवपी व्यक्तींचोय उपकार मानून याद करपाची संद दिवपी हो दीस. विकसित भारताची…
— Narendra Modi (@narendramodi) May 30, 2026
अप्रैल में पहली बार म्युचुअल फंडों में निवेश करने वाले निवेशकों की संख्या मार्च के 4,71,000 के मुकाबले 37 फीसदी कम रही। फरवरी में करीब 763,600 निवेशकों ने म्युचुअल फंडों में निवेश शुरू किया था। मोतीलाल ओसवाल ऐसेट मैनेजमेंट के कार्यकारी निदेशक और चीफ बिजनेस ऑफिसर अखिल चतुर्वेदी ने कहा, नए निवेशकों के जुड़ने की रफ्तार धीमी हो गई है क्योंकि इक्विटी फंडों का हाल का प्रदर्शन अब उतना आकर्षक नहीं रहा। यह शायद एक छोटा-सा झटका है। जैसे ही बाजार में सुधार होगा, वृद्धि फिर से रफ्तार पकड़ लेगी।
Company Top Gainer
Company Last (Rs) Gain % Netweb Technol. 4696.50 15.39 Wockhardt 2030.70 14.62 Relaxo Footwear 343.65 13.85 Gujarat Gas 401.50 8.59 JSW Dulux 3151.25 8.48 Thermax 4976.75 8.46 आगे पढ़े >>शेयर बाजार में कीमतों में सुधार और सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव के दौर ने इक्विटी फंडों के पिछले रिटर्न चार्ट में उनके प्रदर्शन पर असर डाला है। ऐक्टिव लार्जकैप फंडों ने एक साल की अवधि में औसतन सिर्फ 0.5 फीसदी का रिटर्न दिया है। हाल के हफ्तों में आई जोरदार तेज़ी के बाद स्मॉलकैप और मिडकैप फंडों के रिटर्न में सुधार हुआ है। लेकिन यह रिटर्न अभी भी एक अंक में ही है। वैल्यू रिसर्च के आंकड़ों के अनुसार, इन दो योजनाओं की श्रेणियों का औसत रिटर्न करीब 8.5 फीसदी है।
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म्युचुअल फंडों में नए निवेशकों का जुड़ना लोकप्रिय श्रेणियों में नई स्कीम लॉन्च होने की रफ्तार पर भी निर्भर करता है। जानकारों के मुताबिक नई फंड ऑफरिंग (एनएफओ) के दौरान फंड हाउसों के विपणन व वितरण पर ज़ोर देने से उनकी नए निवेशकों तक पहुंच बढ़ती है। अप्रैल में सिर्फ एक ऐक्टिव इक्विटी स्कीम जियोब्लैकरॉक लार्जकैप फंड ने अपना एनएफओ खत्म किया और सिर्फ 30 करोड़ रुपये जुटाए।
नुवामा वेल्थ के अध्यक्ष और प्रमुख राहुल जैन ने कहा, अभी शॉर्ट-टर्म इक्विटी फंडों के रिटर्न इतने आकर्षक नहीं हैं कि वे नए निवेशकों को अपनी ओर खींच सकें। हो सकता है कि वैश्विक अनिश्चितता और शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव की वजह से भी लोग अपनी निवेश योजनाओं को टाल रहे हों। इसके अलावा, लोकप्रिय श्रेणियों में नए फंडों का नहीं आना भी एक वजह हो सकती है।
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